होसलो से जितनी है कैंसर की जंग...

Cancer ke side Effect | Cancer ki ganth kaise hoti hai | Cancer ka ilaj |कैंसर के लक्षण कैसे होते है

कैंसर-डे हर साल 4 फरवरी को मनाते हैं। दोस्तों कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिस पर निजात पाना मुश्किल है दोस्तों कैंसर के रोज कई व्यक्तियों की मौत होती है दोस्तों कैंसर को एक घातक और जटिल रोग माना जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर कई के अंगों को प्रभावित करती है। जब शरीर में विषाक्त पदार्थ एक विशेष अंग के पास एकत्र होते हैं तो इसके साथ शरीर के सारे अंगो में जहर फ़ैल जाता है। कोशिकाओं के समूह एकजुट होते हैं ,

कैंसर शरीर में सूजन उत्पन्न करते हैं। आसक्त कोशिकाएं और ऊत्तकों के प्रभावित होने के आसार होते हैं। अगर विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकाला नहीं जाता है तो कैंसर रोग खून के माध्यम से और रोगग्रस्त कोशिकाओं से शरीर के अन्य भागों को प्रभावित करता है।

दोस्तों कैंसर बीमारी का नाम ही ऐसा है कि लोग जिंदगी से ना उम्मीद हो जाते हैं। शुरुआती स्टेज में पहचान से इलाज संभव है। कैंसर से जंग के लिए मजबूत इच्छा शक्ति जरूरी है। उपचार की आधुनिक तकनीक से मरीज स्वस्थ जीवन बिता रहे हैं। कैंसर से जंग मे जीत के लिए जरूरी है। जागरूकता के साथ अपनों का हौसला । हर वर्ष 4 फरवरी को मनाते हैं। इस वर्ष की थीम 'आई एम एंड आई विल' है। इसका उद्देश्य लोगों के मन में बैठे डर भगाकर जिंदगी की जंग जीतने के लिए हौसला देना है।

26 लाख कैंसर रोगी है भारत में दूसरी बड़ी जानलेवा बीमारी है।
35% फीसदी मरीज ओरल यानी मुंह के कैंसर के हैं।
12 लाख कैंसर के मामले प्रतिवर्ष आते हैं। जिन्हें टीकाकरण से रोक सकते हैं।
दोस्तों कैंसर को कैसे पहचाने हम आज आपको विस्तार से समझाते है -

कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचाने :-

हमारा शरीर कोशिकाओं से बना है। कई बार यह कोशिकाएं अनियमित रूप से बढ़ने लगती है जिससे उस अंग में गांठ या टयूमर बनने लगती है जिसे कैसे करते हैं। लंबे समय से खांसी, किसी मस्से के रंग व आकार में बदलाव या उसमें खून आना, घाव ठीक ना होना, वजन कम होना और मल मूत्र की आदतों में बदलाव होने व महिलाओं में सामान्य रक्त स्राव होने से कैंसर की आशंका बढ़ती है। पुरुषों में सबसे ज्यादा फेफडे, गले, मूह, आंत व अमाश्य का कैंसर होता है। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर , ब्रेस्ट , गॉलब्लेडर व भोजन नली का कैंसर होता है।

मुंह का कैंसर :-

मुंह से खून आना, होठ के आसपास या मुंह में गांठ बनना, कुछ भी खाने पर निगलने में तकलीफ, मुंह के छाले लंबे समय तक ठीक न होना या जीभ का कोई हिस्सा सुन हो जाना । देश भर में इस कैंसर के मामले सबसे अधिक पुरुषों में पाए जाते हैं।

फेफड़ों का कैंसर:-

अत्यधिक कफ बनना या कफ के साथ खून आना, लंबे समय तक गला खराब रहना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, बिना कारण वजन घटना । यदि दवा के बावजूद फायदा न हो या हर बार कफ के साथ खून आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

कोलोन (पेट / बड़ी आंत) का कैंसर :-

लंबे समय से कब्ज, दर्द या ऐठन व पेट भरा हुआ महसूस होना, मल में खून आना व धीरे-धीरे इस में रक्त का अधिक आना यह लक्षण है। धूम्रपान, रेड मीट जंग फूड खाना भी खतरे को बढ़ाता है।

प्रोस्टेट कैंसर :-

यह पेपिलोमा वायरल के कारण होता है। पुरुषों में होने वाला प्रमुख कैंसर है जो पुरुष ग्रंथि में होता है और यूरिनरी सिस्टम को प्रभावित करता है। यूरिन में रक्त या सीमेन आना कमर के नीचले हिस्से में दर्द होना आदि इसके लक्षण हो सकते हैं। यह 50 वर्ष की उम्र के बाद अधिक होता है।

दिमाग का कैंसर :-

यह कैंसर लगातार गले में खराश, मुंह से बदबू , आवाज में खरखराहट बदलाव, गले में सूजन, बिना दर्द उभार-गांठ मुंह में सफेद या लाल निशान लंबे समय तक नाक बंद रहना जैसे लक्षण है।

ब्रेस्ट कैंसर :-

यह महिलाओं में होने वाला प्रमुख कैंसर है। ब्रेस्ट के आसपास गांठ होना या सूजन, आकार में बदलाव होना इसके लक्षण है। यह 40 वर्ष की उम्र के बाद अधिक होता है।

ब्लड कैंसर (ल्यूकीमिया) :-

यह खून व बोन मेरो (अस्थिमज्जा) का एक प्रकार का कैंसर होता है। हड्डियों के अंदर मज्जा ब्लड स्टेम सेल अपने कोशिकाएं पैदा करता है। जो विकसित हो संक्रमण से लड़ती है ।

बोन कैंसर :-

यह बच्चों में अधिक होता है। हड्डी में होने पर वहां सूजन, त्वचा का लाल होना, छुने पर गर्म, वजन घटने लगता है। पैर की हड्डी में होने पर चलने , उठाने, बेठने आदि में परेशानी होती है।

FOLLOW @Easymyhealth